यह तो हम सभी जानते हैं कि संघ लोक सेवा आयोग (यू०पी०एस०सी०) सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराता है, और यह देश की एक कठिन व प्रतिष्ठित परीक्षा है। फिर भी लाखों युवा छात्र देश के कोने-कोने से इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और एक आई०ए०एस० अफसर बनने का सपना देखते हैं। यदि हम इस परीक्षा की प्रक्रिया व प्रकृति को देखें तो हम पायेंगे कि इस परीक्षा में सफलता पाने के लिये हमें चाहिये कि हम एक सटीक रणनीति और व्यवस्था के साथ तैयारी करें। सामान्यत: एक अभ्यर्थी यदि इस परीक्षा की तैयारी स्नातक स्तर से ही शुरू कर दें तो यह भी संभव है कि इस सेवा में जाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, और अभ्यार्थी सफलता पूर्वक इस प्रतिष्ठित सेवा में अपना भविष्य निर्धारित कर सकते हैं ।

अध्ययन सामग्री रणनीति निर्धारण


सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए सामान्यत: दो से तीन वर्ष का समय पर्याप्त माना जाता है, परन्तु यह भी आवश्यक है कि एक अभ्यर्थी अपने पठन/पाठन तथा उसकी विषयवस्तु की समझ व आधारभूत आवश्यताओं का पालन करें। यदि ऐसा हो तो इस परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है, और यह योजना एक अभ्यार्थी अपनी स्नातक शिक्षा के साथ-साथ बना व समझ सकता है।

इस परीक्षा की तैयारी के प्रारंभ मे अभ्यार्थी को सर्वप्रथम एन०सी०ई०आर०टी० (NCERT) की किताबों का अध्ययन करना होगा, जिससे छात्र अपनी आधारभूत, विश्लेषणात्मक व भाषा की समझ और क्षमता का भी विकास कर पायेगा। साथ ही साथ सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम का अध्ययन भी इस परीक्षा की तैयारी की दृष्टि सेअति आवश्यक है, याद रहे कि योजना और रणनीति के अनुसार ही सभी प्रकार के अध्ययन कार्य का अनुपालन करना होता है। आम तौर पर यह पाया गया है कई छात्र अपनी स्नातक शिक्षा में चयनित विषयों मे से ही एक विषय इस परीक्षा के मुख्य चरण के लिये चुनते है, और विषय निर्धारित करने के उपरांत अभ्यार्थी को अपनी स्नातक शिक्षा के चलते ही चयनित वैकल्पिक विषय का अध्ययन शुरू कर देना होता है। इसके लिये छात्र उस विषय के अनुरूप किताबें व अध्ययन सामग्री का चयन कर सकते हैं।

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिये अभ्यार्थियों को कई प्रकार की अध्ययन सामग्री व विषय क्षेत्रों जैसे समसामयिक मुद्दो के लिये द-हिन्दू, ईण्डियन एक्सप्रेस जैसे न्यूज़ पेपर (समाचार पत्रों) व बीबीसी / डीडी न्यूज बुलेटिन (BBC or DD News) इत्यादि का दैनिक उपयोग करना होता है। और इसी प्रकार की अध्ययन प्रणाली से छात्र समसामयिक मुद्दो की तैयारी करते हैं जो कि परीक्षा में सफलता पाने के दृष्टिकोण से लाभदायक सिद्ध होता है। गत वर्षों में प्रारंभिक परीक्षा प्रश्नपत्र में समसामयिक मुद्दो से संबंधित प्रश्नों का अच्छा अनुपात रहा है अत: यह अध्ययन सामग्री का यह भाग अतिमहत्वपूर्ण होता है। छात्रों को यह चाहिये कि वे अध्ययन के लिये उचित पुस्तकों का चयन करें और उनका समुचित तरीके से अध्ययन करे। बुनियादी व आधारभूत जानकारी का अध्ययन करने के पश्चात छात्र उस विषय के लिये विस्तृत अध्ययन हेतु उपयुक्त पुस्तकों व अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।

याद रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें


याद रहे कि इस परीक्षा में विषयों का चयन एक अतिमहत्वपूर्ण चरण होता है और इसी पर आपकी तैयारी व सफलता निर्धारित होती है, अत: विषय चुनते समय स्वयं ही निर्णय लें क्योंकि किसी भी विषय का अध्ययन असंभव नही है, अपितु अभ्यार्थी की उस विषय में रुचि ही सफलता पाने का प्रथम व मूलभूत आधार है। सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम विशाल होने के कारण हमें वर्ष भर अध्ययन करना होगा, और इसलिए  आपको इस योजना को सफल बनाने के लिये कठिन प्रयास करने होंगे और इसीसे आप इस विशालकाय पाठ्यक्रम को सफलता पूर्वक पूरा कर सकेंगे। इसलिये अध्ययन अवधी को धीरे-धीरे बढ़ाये और परीक्षापयोगी तथ्यों का रट्टा मारने के बजाय उसकी विषयवस्तु को समझें और अपनी अवधारणात्मक समझ को बढ़ायें तभी इस परीक्षा में सफलता पाना संभव हो सकता है।

आईएएस प्लैनर विशेषज्ञों शिक्षकों की टीम ने सिविल सेवा परीक्षा वर्ष – 2019 के लिये एक प्रभावी अध्ययन की योजना तैयार की है, जो सभी अभ्यर्थियों को सही दिशा में तैयारी शुरू करने के लिये एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

प्रारंभ में, हम आप सभी अभ्यर्थियों से यह कहना चाहते हैं, कि आप यह समझें कि आपको सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार ही अध्ययन करना होगा। विभिन्न विषय जैसे इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, अर्थशास्त्र, पर्यावरण, आदि इस पाठ्यक्रम को व्यापक बनाते है। लेकिन यदि आप संघ लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार चलते हैं, तो आपको तैयारी के लिए अपने अध्ययन क्षेत्र में एक दिशा मिल जाती है और नतीजतन आप वही पढ़ते हैं जो सिलेबस में है। याद रखें, यूपीएससी कभी भी अपने पहले से सेट पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न नही पूछता है।

चूंकि आपके पास केवल एक वर्ष है जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आप सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयार हैं अथवा नहीं। इसलिए, सलाह दी जाती है कि अभ्यर्थी प्रत्येक दिन का उपयोग अध्ययन व अभ्यास के लिये उचित रूप से करें तथा अपने अध्ययन को क्रमबद्ध तरीके से करें। याद रखें, कि यूपीएससी में आपके लेखन शैली व आपके द्वारा दिये गये उत्तरों में विषयों पर आपकी समझ की परीक्षा की जाती है। इसलिए, आपको इस विशेष रणनीति का दृढ़ता से पालन करने की सलाह दी जाती है। समर्पण और गंभीरता के साथ एक अनुशासित अध्ययन योजना यह सुनिश्चित करेगी कि आप अपने ध्यान व स्टडी के ट्रैक को न खोएं।

पहला चरण: जून से अगस्त

सर्वप्रथम परीक्षा के पैटन व पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से पढ़ें और रट लें, क्योंकि आपको इसके पाठ्यक्रम की अच्छी समझ होनी चाहिए। इसके बाद पाठ्यक्रम में उल्लिखित टापिक्स व विषयों में से अपने पसंदीदा को चुनें और फिर उन्हें जिनसे आपको डर लगता है। इसे सुनिश्चित करने के लिये आप पाठ्यक्रम से तीन-चार विषयों को उठाएं, जिसमें आपकी रुचि हो और कुछ अन्य सूची से चुनें।

हमें यह समझना चाहिये कि जब हम तैयारी शुरू करते हैं तो हमें अपने इस उत्साह का सदुपयोग करना चहिये, और शुरुआत में कठिन विषयों को कवर करना चाहिये। यदि आप इसे करने में भी असमर्थ हैं तो इसके लिये यदि आप एनसीईआरटी पुस्तकों का अध्यन करें, इससे आपकी विषयगत जानकारी का आधार मजबूत होगा।

दूसरी तरफ, कठिन विषयों का अध्ययन करें और तुलनात्मक रूप से सरल से कठिन विषयों को सूचीबद्ध करें। उदाहरण के लिये अपनी रुचि का 1 विषय और 2 विषयों वो चुनें जो तुलनात्मक रूप से आपको कठिन लगते हैं, इस प्रकार से आप हतोत्साहित नहीं होंगे और विषयों के अध्ययन में आपकी रुचि बनी रहेगी।

कितना, क्या और कैसे पढ़ें?

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने तथा उसमें सफलता पाने में समय प्रबंधन का विशेष महत्व होता है, इसलिये तैयारी शुरु करने के प्रारंभिक दौर में यह सुनिश्चित करें कि एक दिन में आपके अध्ययन के समयावधि 4 से 5 घंटों से अधिक न हो। क्योंकि शुरुआत में हमें अध्ययन प्रकिया को भलीभांति समझना है, तत्पश्चात उचित मार्गदर्शन होने पर ही हमें अपने अध्ययन की समयावधि बढ़ानी चहिये।

आप तैयारी के प्रारंभ से ही सुनिश्चित करें कि आप महत्वपूर्ण विवरणों, तथ्यों व जानकारियों के लिये प्रॉपर तरीके से नोट्स बना रहे हैं। उदाहरण के लिएयदि आप शुरू में अध्ययन करने के लिए विषयों में से एक के रूप में इतिहास को चुना है, तो आप घट्ना/ईवेंट का नाम, स्थान (जहां घटना हुई थी), समय/काल, तिथि, उसकी अवधि तथा इसके साथ उससे जुड़े साम्राज्य, कॉलोनी, देश, समूह या लोग (व्यक्ति विशेष) इत्यादि जानकारियों को सारणीबद्ध रूप से कालानुक्रमिक घटनाओं की एक शीट बना रख सकते हैं, तथा संबंधित अतिरिक्त विषयवस्तु के लिये एक अतिरिक्त कॉलम भी बना सकते हैं।

समाचार पत्र और डेली करेंट अफेयर का महत्व है।

यदि हम डेली करेंट अफेयर्स (दैनिक समसामयिकी) की बात करें, तो सिविल सेवा परीक्षा की एकीकृत अध्ययन योजना (Integrated Study Plan) में इनकी अति महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभ्यर्थियों को इस बात का ध्यान रखना है कि, यूपीएससी परीक्षा में आपको केवल सामान्य अध्ययन (जीएस) विषयों के आधार पर नहीं आंकता, बल्कि आयोग वर्तमान घटनाओं जो भारत और दुनिया में हो रही हैं, उनपर अपनी राय और ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। उदाहरण के लिये: जैसे यह घटनाएं राष्ट्र को किस प्रकार से और किस क्षेत्र में प्रभावित कर रही हैं?, तथा इससे जुड़े कारण या उपाय इत्यादि इसमें शामिल होंगे।

याद रखें, वर्तमान मामलों के अध्ययन के दौरान यह सुनिश्चित करें कि आप उन्हें विस्तृत व खुले दिमाग से पढ़ें ताकि अगर वहाँ आप की तैयारी से जुड़े विषयों से संबंधित कुछ भी मिलता है, तो आप अपने उत्तरों में उसके उल्लेख के लिये एक मानसिक नोट बना सकते हैं। इसलिए, समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करना तैयारी के इस चरण के लिये अनिवार्य है।

इन्हें नोट करें:-

  • प्रत्येक सप्ताह अपने द्वारा बनाएं गये नोट्स व जानकारियों के संशोधन के लिए भी एक दिन निर्धारित करें।
  • इस चरण में एकीकृत तैयारी करें तथा प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के कॉमन जनरल स्टडीज पेपर्स / टापिक्स के अध्ययन करें, और साथ ही अपने चयनित वैकल्पिक विषय को भी कवर करने का प्रयास करें।
  • अगले वर्ष की प्रीलिम्स परीक्षा से केवल 3 महीने पहले आपका ध्यान प्रीलिम्स परीक्षा के लिये गंभीर हो जाना चाहिए।
  • पिछले साल के प्रश्न पत्रों का विशलेषण करें और उन्हें हल करने का प्रयास करें। हालांकि, आपनी तैयारी के प्रारंभिक स्तर में उन प्रश्न पत्रों को पूरी तरह से हल करने की उम्मीद न करें, लेकिन इस तरह से आप प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्तर व अंतर के बारे समझ सकते हैं।

व्यक्तित्व निर्माण का महत्व:

अपने आप को एक वर्ष के लिए सभी प्रकार के विकृतियों से दूर रखें और सुनिश्चित करें कि आप सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग अपनी तैयारी के परिप्रेक्ष्य में करें। सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित या उद्देश्यों वाले फेसबुक पेजों और ग्रुप्स इत्यादि से जुड़ कर अपडेट रहें। किन्तु इसका मतलब यह नहीं है, कि आप अन्य अतिरिक्त पाठ्यचर्या या पाठ्यक्रम गतिविधियों का अध्ययन भूल जाएं! इसलिये, अपने समय का उपयोग स्मार्ट तरीके से करें।

इस दौरान अपने शौक या हॉबी जैसे संगीत, नृत्य, खेल या कुछ भी हो, अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने, फिल्में देखने, मेलजोल इत्यादि के साथ-साथ अपनी दिनचर्या और परीक्षा की तैयारी में सामंजस्य बनाकर रखें। अपने साथ तैयारी कर रहे साथियों और समूहों के साथ वर्तमान घटनाओं पर चर्चा करें और उनके दृष्टिकोण को समझें, उन्हें समस्या सुलझाने के दृष्टिकोण के रूप में समझ कर याद रखें, विभिन्न घटनाओं व तथ्यों से जुड़ी चीजों को देखने व समझने का आपका दृष्टिकोण तार्किक और विश्लेषणात्मक होना चाहिए।

एक अच्छा आहार लें, नियमित ध्यान, व्यायाम या योग अभ्यास के साथ फिट रहें। इस प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक मेडिटेशन एक्टिविटी आपको अपनी एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में भी मदद करेंगी।

दूसरा चरण : सितंबर से अक्टूबर

अब सभी व्यापक विषयों के लिए एक त्रैमासिक अध्ययन करने के बाद, आपका दिमाग अब प्रशासन दृष्टि से विभिन्न चीजों को समझने व अध्ययन करमें में बेहतर हो जाता है। अब इस चरण में एकाग्रता के साथ अन्य  2 से 3 नये विषयों को तैयारी के लिये चुनें और सुनिश्चित करें कि जैसा पहले समझाया गया है, ठीक वैसे ही तैयारी शुरू करें। अब आप अधिक इंटरएक्टिव हो चुके हैं, इसलिए, अब आपको ग्रुप स्टडी और साथियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण चर्चाओं में शामिल होने और उनका विशलेषण करते हुये अध्ययन करने का समय है।

उपरोक्त वर्णित युक्तियों के अलावा, निम्नलिखित बातो को ध्यान में रखें:

  • अपनी दैनिक जिम्मेदारियों के अनुरूप वर्तमान तैयारी की समयावधि को 6 से 8 घंटे कर के अपनी अध्ययन  क्षमता को बढ़ाएं।
  • अगले चरण में पर्यावरण जैसे अधिक रोचक और आसान विषयों की ओर बढ़ने से पहले, इस चरण के अंत तक सभी कठिन विषयों को पूरा करने का प्रयास करें।
  • क्योंकि, आप इस चरण में कठिन विषयों को उठा रहे हैं, इसलिये विषयों के बारे में जितना संभव हो उतना विवरण प्राप्त करना सुनिश्चित करें ताकि आप सभी महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्टता व समझ प्राप्त कर सकें।
  • अनुशंसित पुस्तकों के अतिरिक्त आप एनसीईआरटी और अन्य प्रामाणिक ऑनलाइन स्रोतों से नोट्स बनाने के लिए सहायता ले सकते हैं।
  • महत्वपूर्ण बिंदुओं, घटनाओं, तिथियों, सूत्रों, आदि के लिए नोट्स बनाना सुनिश्चित करें, और ध्यान रहे कि इन्हें याद भी किया जाना चाहिए।
  • पिछले कुछ वर्षों के प्रश्नों को हल करने के अभ्यास शुरू करें, इस प्रयास से आप यह जांचने मे सक्षम होंगे कि आप अपनी तैयारी प्रक्रिया के किस स्तर पर कहां पहुंचे हैं।
  • अभ्यास से ही आप प्रश्नों के और उत्तर लेखन कौशल विकसित करने में सफल हो सकते हैं।
  • एक बार फिर से अपनी तैयारी की योजना व स्तर देखें, और पता लगाएं कि आपने सभी विषयों को कवर किया है या नहीं।
  • जैसा कि आप इस चरण में कठिन विषयों को लक्षित कर रहे हैं, इसलिये समय से इनका अध्ययन समाप्त करें और आगे बाकी के विषयों में मजबूत पकड़ बनाने के लियेअनुशंसित पुस्तकों के साथ एनसीईआरटी बुक्स की मदद लें।
  • अब पर्यावरण जैसे सरल विषयों के साथ-साथ अपने वैकल्पिक विषय का अध्ययन भी शुरू कर दें। वैकल्पिक विषय के लिये एनसीईआरटी के साथ अपने वैकल्पिक विषय से संबंधित किताब से तैयारी शुरू करें।
  • इसके साथ-साथ, जो भी आपने अध्ययन किया है उसे संशोधित करना जारी रखें, और यह भी ध्यान रखें कि इस चरण में अन्य सभी शेष विषयों को कवर किया जाना चाहिये।

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि करेंट अफेयर्स के महत्व को नजरअंदाज न करें, क्योंकि पर्यावरण, तकनीकी जैसे विषयों के लिये समसामयिकी को कवर करना अनिवार्य है। समसामयिक मामलों के अपडेट सिविल सेवा परीक्षा परीक्षा के सभी तीन चरणों (प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार) में एक प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

चौथा चरण : जनवरी से फरवरी

अधिकांश विषयों को पूरा करने के बाद, इस चरण में अब अपने वैकल्पिक विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। यदि आपके पास कोई विषय शेष है, तो कृपया इसे इस चरण में लें और फरवरी के अंत तक संपूर्ण पाठ्यक्रम पूरा कर लें। इसी चरण में अपने रुचि के वैकल्पिक विषय को चुनने के साथ ही इसका अध्ययन शुरू करें, इस प्रकार से आपके भीतर सिविल सेवा परीक्षा के लिए उत्साह बना रहता है।

अब, परीक्षा के लिये बचे 2 से 3 महीने के समय में अपने सभी विषयों/टापिकों को अच्छी तरह दोहराएं और जांचें, इन दो महीनों में अपने नोट्स पर अच्छी तरह से केन्द्रित करें, और अपने नोट्स में महत्वपूर्ण बिन्दुओं जानकारियों को हाइलाइट करें एक सुनियोजित स्टडी प्रारंभ करें।

पांचवा चरण : मार्च से जून (मिशन प्रेलिम्स)

प्रीलिम परीक्षा (जून) तक अपना पूर्ण ध्यान प्रीमिम्स परीक्षा में रखें।

जैसा कि आप पहले से ही अपने अधिकांश “जीएस (सामान्य अध्ययन) प्रथम प्रश्न पत्र”के पाठ्यक्रम को कवर कर चुके हैं, इसलिए प्राथमिक तैयारी के लिए त्वरित संशोधन व रिविजन के लिए यही समय है। साथ ही सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट “(सीसैट) द्वितीय प्रश्न पत्र” पर भी फोकस पर भी होना चाहिए, एनसीईआरटी की पुस्तको से गणित के प्रश्नों को हल करना शुरू करें, और जितना संभव हो सके पिछले साल के प्रश्न पत्रों को संपूर्ण हल करें।

प्रीलिम्स के लिए टेस्ट सीरीज़ देने और इस जैसे अन्य अभ्यासीय प्रयास करने का यह सबसे अच्छा समय है। बहुत सी सिविल सेवा परीक्षा कोचिंग लगभग 40 से 50 टेस्ट पेपर के साथ टेस्ट सीरीज़ कोर्स प्रदान करती हैं, जिसमें जीएस पेपर और सीसैट पेपर दोनों का पाठ्यक्रम शामिल होता है। कुछ शिक्षण संस्थान स्पष्टीकरण के लिए उत्तर भी प्रदान करते हैं जो आपकी तैयारी प्रक्रिया व जानकारी के स्तर का आकलन करने में आपकी सहायता करेंगे। अपने सभी विषयों को पढ़ें और फिर दोबारा पढ़ें।

विशेष रूप से तिथियां / घटनाएं / नाम / आदि अच्छी तरह से अखबारों व अन्य प्रासंगिक स्रोतों से अपडेट रखें। मौजूदा मामलों से अवगत रहने और समझने के लिये आकाशवाणी समाचार, राज्य सभा, लोक सभा, भारतीय इयर बुक, आर्थिक सर्वेक्षण, योजना पत्रिका और अन्य करेंट अफेयर पत्रिकाएं पढ़ें जो कई आईएएस अकादमियां प्रदान करती हैं।

 

यूपीएससी आईएएस परीक्षा के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज।

छठवां चरण : अक्टूबर से जुलाई (मिशन मेन्स)

मेन्स परीक्षा की विशेष तैयारीसिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा अधिकतर जून के महीने में के पहले सप्ताह में आयोजित होती है, और मुख्य परीक्षा अक्टूबर के महीने में या उसके आसपास निर्धारित होती है। इन दोनो परीक्षा के मध्य तकरीबन 3 महीने के समय का अन्तर होता है।

  • तैयारी के चरण की इस अवधि में अपनी तैयारी के स्तर को और बढ़ाएं तथा दिन में 9-10 घंटे तक का समय अध्ययन के लिये नियोजित करें। याद रखें कि अब आपके पास मुख्य परीक्षा के लिए केवल 3 महीने शेष हैं।
  • इस बात का विशेष ध्यान रहे कि अध्ययन के लिये कोई विषय छूट न गया हो, लेकिन अगर ऐसा कुछ है, तो एक महीने ही है उसे समाप्त करें और अपने सभी विषयों के लिए तीसरे चरण के संशोधन व रिवीजन में ध्यान केन्द्रित करें।
  • तैयारी के इस चरण में अपने वैकल्पिक विषय पर विशेष ध्यान दें, तथा निबंध लेखन का नियमित आधार पर अभ्यास करें।
  • यदि आप विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने का अभ्यास करें, तो सिविल सेवा परीक्षा में ये प्रयास आपको अच्छे अंक अर्जित करने में मददगार साबित होगा।
  • किसी विषय को प्रभावी ढंग से तैयार करने के लिए उससे जुड़ी केस स्टडीज को यथासंभव हल करें और उनका विशलेषण कर उसमें अपनी समझ विकसित करें।

मुख्य परीक्षा के लिये कई टेस्ट सीरीज उपलब्ध हैं जो लगभग हर आईएएस अकादमी प्रदान कराती है। इस प्रकार के टेस्ट देने तथा उनके द्वारा दिये गये उत्तरों के स्पष्टीकरण से आपकी तैयारी प्रक्रिया व स्तर में तेजी से सुधार आएगा। इस प्रकार से अपने लेखन कौशल को बढ़ाने और विषयों पर अपनी राय तैयार करने के लिए सही दृष्टिकोण का विकास भी होगा।

उत्तर लेखन के महत्व को नजरअंदाज न करें, और इसका परिश्रम से अभ्यास किया जाना चाहि उत्तर लिखने की नियमित आदत आपको मुख्य परीक्षा में सफलता दिलाने में मदद करेगी। सुनिश्चित करें कि आपका उद्देश्य उत्तर पुस्तिका को केवल पूरा भरना नहीं होना चाहिये, बल्कि अपना पूरा फोकस एक अच्छा उत्तर कैसे लिखा जाए? इस पर केंद्रित होना चाहिये।

हम यह आशा करते हैं कि इस लेख में दिए गये सुझावों की मदद से आप इस परीक्षा की तैयारी उचित तरीके से करने में सफल हों, और अगले वर्ष यूपीएससी आईएएस परीक्षा पास करने के अपने इस लक्षय को प्राप्त कर सकें।